<p><strong>Authors:</strong> आकाश कुमार (शोधार्थी, मीडिया अध्ययन विभाग, महात्मा गांधी केंद्रीय वि.वि, मोतिहारी, बिहार), डॉ. साकेत रमण (सहायक आचार्य, मीडिया अध्ययन विभाग, महात्मा गांधी केंद्रीय वि.वि, मोतिहारी, बिहार)</p>
<p><strong>Journal:</strong> Journal of Mass Media and Management, Issue-3, ISSN: 3049-3021 (Online)</p>
<h2>सारांश</h2>
<p>कृत्रिम बुद्धिमत्ता ने मीडिया एवं पत्रकारिता की कार्यप्रणाली में व्यापक परिवर्तन किए हैं। समाचार संकलन, संपादन, अनुवाद, तथ्य-जाँच तथा सामग्री निर्माण जैसी प्रक्रियाएँ एआई आधारित तकनीकों से अधिक तेज और प्रभावी हुई हैं। इसका प्रभाव सांस्कृतिक पत्रकारिता पर भी स्पष्ट दिखाई देता है, जो भारतीय संस्कृति, लोक परंपराओं, भाषाओं और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं प्रसार का महत्वपूर्ण माध्यम है। यह अध्ययन गुणात्मक एवं विश्लेषणात्मक पद्धति पर आधारित है तथा द्वितीयक स्रोतों के माध्यम से एआई के सांस्कृतिक पत्रकारिता पर प्रभाव का विश्लेषण करता है। अध्ययन से स्पष्ट होता है कि एआई सांस्कृतिक सामग्री की पहुँच और दक्षता बढ़ाता है, किंतु सांस्कृतिक संदर्भों, स्थानीय संवेदनशीलताओं तथा नैतिक पक्षों को पूर्णतः समझने में अभी सीमित है। इसलिए प्रभावी सांस्कृतिक पत्रकारिता के लिए एआई और मानवीय संपादकीय विवेक का संतुलित समन्वय आवश्यक है।</p>
<p><strong>कीवर्ड (Keywords):</strong> कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सांस्कृतिक पत्रकारिता, डिजिटल मीडिया, भारतीय संस्कृति, मीडिया नैतिकता</p>
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